
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर इज़राइल के लिए रवाना हो गए। यह दौरा भारत–इज़राइल संबंधों को नई रणनीतिक ऊँचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा के दौरान रक्षा सहयोग, कृषि तकनीक, साइबर सुरक्षा, नवाचार (Innovation) और व्यापारिक साझेदारी जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। मध्य-पूर्व में सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को देखते हुए भारत और इज़राइल के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीकी साझेदारी पहले से ही मजबूत है, जिसे इस दौरे के दौरान और विस्तार मिलने की संभावना है।
संभावित प्रमुख एजेंडा:
- रक्षा उत्पादन और संयुक्त तकनीकी विकास
- कृषि एवं जल प्रबंधन में उन्नत तकनीकी सहयोग
- स्टार्टअप और इनोवेशन सेक्टर में साझेदारी
- साइबर सुरक्षा और खुफिया समन्वय
- द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के उपाय
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री इज़राइल के शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और कई महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। इसके अलावा, भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित है।
भारत और इज़राइल के संबंध पिछले कुछ वर्षों में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुँच चुके हैं। इस यात्रा से दोनों देशों के बीच रक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग को और गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार के अनुसार, यह दौरा “नए भारत” की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता का प्रतीक है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देते हुए बहुपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
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